ये दिल अब पहले जैसा किसी पर भरोसा नहीं करता।”
उम्मीद है कि आपको यहाँ वह हर शायरी मिली होगी जो आपके जज़्बातों को आवाज़ देती है और आपके दिल के दर्द को थोड़ा हल्का करती है।
जिसको चाहा वो मिला नही, जो मिला उससे मोहब्बत ना हुई…!
पर सुना है खुदा मरने से पहले मिलता नहीं।
मिले तो यूँ थे जैसे सदियों साथ निभाओगे..!!
जिन्हें मिलती मंज़िल उंगलियों पे वो खुश है।
नसीब में ही खुशियां ना लिखी हो तो क्या करू…!
जिंदगी भी अब हो गई है बेमकसद और नाराज़।
फिर सब वैसा ही होगा, जैसी ये ज़मीं होगी।
जब मेरे ज़ख़्मों की कहानी सिर्फ़ मैं ही जानता हूँ।
अब मैं उन्हें खुश भी न देखूं तो प्यार कैसा।
Within a earth where by thoughts often go unexpressed, न्यू सैड शायरी serves being a poignant reminder of the heart’s struggles. For those emotion missing or heartbroken, these verses resonate deeply, significantly for boys navigating their own psychological landscapes.
भरोसा ऐसे ही नही टूटा मेरा मैने देखा है,
ज़ख़्म दिल में लिखे थे… लोगों ने मज़ाक समझ Sad Shayari in Hindi लिया,